ऑनलाइन शॉपिंग क्या है ऑनलाइन शॉपिंग के क्या फायदे है (About Online Shopping Benefits of Online Shopping)

ऑनलाइन शॉपिंग के फायदे और नुकसान (Advantage and Disadvantage of Online Shopping)

आज कल पूरी दुनिया में ऑनलाइन शॉपिंग का क्रेज है हर कोई ऑनलाइन शॉपिंग कर रहा है। ऑनलाइन शॉपिंग के कई फायदे है और इनके नुकसान भी है।

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आज कल हर कोई ऑनलाइन शॉपिंग करना चाहता है क्योंकि ऑनलाइन शॉपिंग में काफी कम समय लगता है और हम घर बैठे ही आसानी से शॉपिंग कर सकते है। कई लोग ऑनलाइन शॉपिंग इसलिए करते है क्योंकि उनके पास मार्किट जाने का बिलकुल टाइम नही होता है। अगर आप भी ऑनलाइन शॉपिंग करते है तो ऑनलाइन शॉपिंग के फायदे और नुकसान जान लें।

ऑनलाइन शॉपिंग के फायदे (Benefits of Online Shopping)

सुविधा (Convenience)

ऑनलाइन शॉपिंग कही भी किसी भी वक़्त की जा सकती है। ऑनलाइन शॉपिंग बस कुछ ही मिनट में हो जाती है। ऑनलाइन शॉपिंग करने के लिए न हमें कही लाइन मे खड़ा होना पड़ता है और न ही है हमें ज्यादा समय लगता है हम आसानी से अपने लिए शॉपिंग कर सकते है।

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बेहतर कीमतें (Better prices)

ऑनलाइन शॉपिंग में प्रोडक्ट की कीमत काफी अच्छी और कम होती है। कई ऑनलाइन शॉप्स डिस्काउंट कूपन भी देती है।

ज्यादा क़िस्म के प्रोडक्ट (More variety)

ऑनलाइन शॉपिंग में कई सारे किस्म के प्रोडक्ट और कई सारे ब्रांड्स होते है। हम कोई भी प्रोडक्ट जो हमें पसंद आए उन्हें सेलेक्ट कर सकते है।

प्राइस की तुलना (Price comparisons)

ऑनलाइन शॉपिंग में हर एक प्रोडक्ट को दूसरे प्रोडक्ट से आसानी  से कंपेयर (compare) कर सकते है और प्रोडक्ट के कीमत की तुलना भी दूसरे प्रोडक्ट से कर सकते है।

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आसानी से गिफ्ट भेज सकते है (Send gifts easily) ऑनलाइन शॉपिंग के जरिये हम अपने दोस्तों और रिश्तेदारो को आसानी से गिफ्ट भेज सकते है।

ऑनलाइन शॉपिंग के नुकसान (Disadvantage of Online Shopping)

खुद ढंग से प्रोडक्ट को देख नही पाते (Personally Check the Item)

अगर आप उन लोगो में से है जो प्रोडक्ट को अच्छे से देख कर और छू कर प्रोडक्ट खरीदते है तो आप ऐसा ऑनलाइन शॉपिंग में नही कर सकते है।

प्रोडक्ट आने में समय लगता है (Taking More Time for Shipping)

 अगर आप कोई भी प्रोडक्ट दुकान से लेते है तो आपको कोई प्रोडक्ट उसी वक़्त मिल जाता है और आप उसका इस्तेमाल उसी समय से करने लग  जाते है लेकिन ऑनलाइन शॉपिंग में प्रोडक्ट लेने के बाद आपको उसका इंतज़ार करना पड़ता है।  प्रोडक्ट कम से कम 2 से 3 दिन में आता है और कभी-कभी प्रोडक्ट पहुचने में उससे भी ज्यादा समय लग जाता है।

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प्रोडक्ट वापस करना महंगा हो सकता है (Return can be costly)

 कई सारे रिटेलर शिपिंग (shipping) की कीमत वापस नही करते है और कई रिटेलर प्रोडक्ट एक्सचेंज करने की ज्यादा कीमत लेते है।

किसी अज्ञात विक्रेता से लेनदेन (Dealing with an Unknown Vendor)

ऑनलाइन शॉपिंग करते समय अगर आपके प्रोडक्ट में कोई भी दिक्कत आई तो अज्ञात विक्रेता जिनसे आप पहली बार ऑनलाइन शॉपिंग कर रहे है वो आपकी मदद करेंगे या नही आपको नही पता होता है।

कीमत में शिपिंग चार्जेज जुड़े है या नही देख लें (Shipping Add to the Cost)

ऑनलाइन शॉपिंग करते समय जब भी कोई प्रोडक्ट आप आर्डर करते है तो उसकी पूरी कीमत देख लें की आपको उस प्रोडक्ट के कितनी कीमत देनी है और उसमे शिपिंग चार्जेज देने है या नही यह भी देख लें।

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अच्छा हेयर स्ट्रेटनर खरीदने से पहले किन बातों का ध्यान रखें-how to choose best hair straightener

हेयर स्ट्रेटनर खरीदते समय किन बातो का ध्यान रखें-keep in mind that things while buying hair straightener

आजकल हर कोई फ़ैशन के पीछे पागल है। हर कोई खूबसूरत दिखना चाहता है। पूरी दुनिया मानती है कि लड़कियाँ तो वैसे भी सुन्दर होती है और जब वह किसी शादी, पार्टी में फैशन करके जाती है तो उनकी खूबसूरती पर चार चाँद लग जाते है।

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लड़कियाँ तो अलग बात है आजकल लड़के भी फैशन के मामले पीछे नही हटते है। जहाँ पहले केवल लड़कियों को सजने-संवरने का शौक था वही लड़के भी आजकल कम नही है। वह भी पार्टी में काफी तैयार होकर जाते है। लेकिन सभी को पता है कि किसी भी इंसान की खूबसूरती उसके बालों से और भी ज्यादा बढ़ जाती है। और लड़कियों को तो अपने बालो से प्यार होता है। वह अपने बालो को सुन्दर दिखाने के लिए तरह के प्रयोग करते है। लड़कियाँ ही नही लड़के भी अपने बालो की हेयर स्टाइल पर काफी ध्यान देने लगे है। सबसे ज्यादा बालो की हेयर स्टाइल जो चलती है वह है बालो को स्ट्रेट यानी सीधा करना।

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लड़के व लडकिया स्ट्रेटनर खरीदने की सोचते रहते है। लेकिन स्ट्रेटनर खरीदने से पहले कुछ बातो का ध्यान रखना चाहिए ताकि वह लाते ही कुछ दिन में ख़राब ना हो जाये। तो आइये जानते है की स्ट्रेटनर खरीदने से पहले किन बातो को ध्यान रखना चाहिए।

हेयर स्ट्रेटनर खरीदने से पहले इन बातो का ध्यान रखें-keep in mind that things before buying hair straightener

1- सबसे पहले अपने बजट को देखें। आप अपने बजट के अनुसार ही हेयर स्ट्रेटनर ख़रीदे। वैसे तो मार्केट में हेयर स्ट्रेटनर 300 रूपए में भी मिलते है। लेकिन सभी जानते है कि सस्ती चीजो में क्वालिटी ठीक नही होती है। पर आप अपने बजट के हिसाब से ही स्ट्रेटनर खरीदें।

2- जब आप स्ट्रेटनर खरीदने जाए तो उसका साइज भी देखे। अगर आप एक भारी फ्लैट आयरन खरीदेंगे तो आपको स्ट्रेटनर पकड़ने में दिक्कत होगी। हो सकता है आपका हाथ बार-बार मुड़ जाए। लेकिन अगर आप हल्का स्ट्रेटनर खरीदेंगे तो आप उसे आसानी से इस्तेमाल कर पायेंगे।

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3- अगर आपके बाल छोटे है तो आप भारी स्ट्रेटनर ही खरीदें और अगर आपके बाल बड़े है तो हल्का स्ट्रेटनर खरीदें। अगर आप ट्रेवल करते रहते है तो अपने पास छोटा और हल्का स्ट्रेटनर रखें।

4- स्ट्रेटनर खरीदने से पहले उसकी प्लेट साइज देखें। अगर आपके बाल नेचुरली स्ट्रैट है तो 1 से 1.5 इंच कीचौड़ी प्लेट वाला स्ट्रेटनर खरीदें। ज्यादातर बालो में इतनी इंच का हेयर स्ट्रेटनर काम कर जाता है। अगर आपके बाल छोटे है तो 1 इंच की प्लेट वाला स्ट्रेटनर ख़रीदे। अगर आपके बाल लंबे, मोटे और कर्ली है तो 2 इंच की प्लेट वाला हेयर स्ट्रेटनर खरीदें।

5- प्लेट्स भी कई प्रकार की होती है जैसे सिरेमिक, टूमलाइन, आयनिक और स्टील आदि। कभी भी मेटल प्लेटेड फ्लैट आयरन्स का इस्तेमाल न करें। नेचुरली ब्लैक हेयर के लिए सिरेमिक और टाइटेनियम प्लेट्स सबसे अच्छी होती है। यह थोड़े मेहेंगे होते है पर इनकी यह आपके बालो को डैमेज होने से बचाते है।

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6- अपने स्ट्रेटनर में टेम्परेचर कण्ट्रोल सिस्टम को भी देखें। बहुत से स्ट्रेटनर में फ्लेक्सिबल टेम्परेचर कण्ट्रोल सिस्टम होता है। ज्यादा टेम्परेचर के कारण आपके बाल डैमेज हो सकते है इसलिए टेम्परेचर कण्ट्रोल सिस्टम वाला हेयर स्ट्रेटनर खरीदें। जिससे कि आपको हीट को बार-बार कण्ट्रोल करने की जरूरत न पड़े। क्योंकि ज्यादातर बालो को 300° से 380°F में ही स्ट्रेट करना चाहिए। अगर आपके ज्यादा मोटे या कर्ली है तो 380° से 450°F तक रखकर बालो को स्ट्रेट करें।

7- ऐसा स्ट्रेटनर खरीदें जो अपने आप ही टर्न ऑफ हो जाता हो। हो सकता है कि आप टर्न ऑफ करना भूल जाते हो तो ऐसा स्ट्रेटनर खरीदें जो थोड़ी देर बाद खुद ही टर्न ऑफ हो जाता है। यह आग लगने की मुसीबत से भी बचाएगा।

8- मार्केट में ऐसे बहुत से हेयर स्ट्रेटनर है जिसमे ब्रश जुड़े होते है। जरूरी नही है कि आपके लिए ऐसे स्ट्रेटनर हमेशा अच्छे हो। अगर आप पहली बार किसी स्ट्रेटनर का इस्तेमाल कर रहे है तो एक ब्रांडेड स्ट्रेटनर का ही इस्तेमाल करें। ज्यादातर स्ट्रेटनर में सिरेमिक और टाइटेनियम की प्लेट होती है लेकिन ऐसे बहुत से स्ट्रेटनर है जिनमे एल्युमीनियम और सिरेमिक कोटेड होते है। सिरेमिक कोट जैसे ही उतरता है उसकी प्लेट बालो को खीचने लगती है और हेयर डैमेज होने लगते है।

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हेयर स्ट्रेटनर खरीदने से सम्बन्धित सवाल जवाब

प्रश्न 1- लंबे बालो के लिए कैसा हेयर स्ट्रेटनर लें?

उत्तरलंबे बालो के लिए हल्का हेयर स्ट्रेटनर लें।

प्रश्न 2- छोटे बालो के लिए कैसा हेयर स्ट्रेटनर लें?

उत्तरछोटे बालो के लिए भारी हेयर स्ट्रेटनर लें।

प्रश्न 3- कर्ली बालो के लिए कैसा हेयर स्ट्रेटनर लें?

उत्तरकर्ली बालो के लिए भारी हेयर स्ट्रेटनर लें।

प्रश्न 4- हेयर स्ट्रेटनर का टेम्परेचर कितना होना चाहिए?

उत्तर हेयर स्ट्रेटनर का टेम्परेचर पतले बालो के लिए 300° से 380°F तक होना चाहिए। मोटे और कर्ली बालो के लिए 380° से 450°F होना चाहिए।

प्रश्न 5- किस तरह की प्लेट वाला हेयर स्ट्रेटनर खरीदें?

उत्तर- पतले या नार्मल बालो के लिए 1 से 1.5 इंच की चौड़ी प्लेट वाला स्ट्रेटनर खरीदें और मोटे और कर्ली बालो के लिए 2 इंच की चौड़ी प्लेट वाला स्ट्रेटनर खरीदें। 

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वर्चुअल रियलिटी क्या है भारत के लेटेस्ट और बेस्ट वीआर हेडसेट (About VR and Latest Virtual Reality Headset in India)

वर्चुअल रियलिटी के बारे में पूरी जानकारी (All About Virtual Reality)

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भारत में टॉप 10वीआर हेडसेट (India’s Top 10 VR Headset)

वीआर हेडसेट को प्रयोग आज कल हर जगह किया जा रहा है। वर्चुअल रियलिटी हेडसेट में फ़ोन लगा कर हम मूवीज, विडियो देख सकते है और देखते वक़्त हमें ऐसा लगता है मानो सब कुछ हमारे सामने ही हो रहा हो। अगर हम कही घूमने भी जाए तो प्राकृतिक नज़ारे भी वर्चुअल रियलिटी से देख सकते है और वीआर हेडसेट का प्रयोग हम 3 डी गेम खेलने के लिए भी कर सकते है।

सैमसंग व एचटीसी ने अपने कई वीआर हेडसेट बनाए है जिनकी कीमत कई हजारों में है लेकिन कई तरह के वीआर हेडसेट ऑनलाइन मिल रहे है जिनकी कीमत 400 से भी कम है। अगर आप भी वर्चुअल रियलिटी हेडसेट लेने की सोच रहे है तो टॉप 10 वीआर हेडसेट के फीचर्स लेने से पहले जान लें।

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1- वीआरकेआईएक्स हेडसेट (VRKiX Headset)

वीआरकेआईएक्स हेडसेट में 3 डी ग्लास है जिसके कारण आप अपने स्मार्टफोन से 360 डिग्री के एंगल में भी मूवी या कोई वीडियोस देख सकते है इसके साथ ही इस हेडसेटर में ड्यूल लेंस भी है जिसे आसानी से एडजस्ट किया जा सकता है। इस हेडसेट को अपने स्मार्टफोन से जोड़ने के लिए आपको गूगल कार्डबोर्ड एप्प की ज़रूरत पड़ेगी।

2- वीआईआईवीआरआईए हेडसेट (VIIVRIA Headset)

वीआईआईवीआरआईए हेडसेट में 3 डी विडियो ग्लास के साथ गूगल कार्डबोर्ड है। इसमें ब्लूटूथ रिमोट कंट्रोलर भी है। वीआईआईवीआरआईए हेडसेट के लेंस की साइज 42 मिलीमीटर है।

3- जुज़ो वर्चुअल रियलिटी हेडसेट (ZuZo Virtual Reality Headset)

जुज़ो वर्चुअल रियलिटी हेडसेट में 3 डी विडियो ग्लास है इसमें दो स्फेरिकल लेंस है जिसके कारण फोकस को बटन से एडजस्ट कर सकते है।

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जुज़ो वर्चुअल रियलिटी हेडसेट में टी शेप के एडजस्टेबल स्ट्रैप्स (straps) है और ये हेडसेट गूगल कार्डबोर्ड पर काम नही करता है।    

4- आईकोपो वर्चुअल रियलिटी हेडसेट (IKOPO Virtual Reality Headset)

आईकोपो वर्चुअल रियलिटी हेडसेट ज्यादातर हर स्मार्टफोन में इस्तेमाल होता है और इस हेडसेट को मोबाइल पर इस्तेमाल करने के लिए आपको वीआर एप्प को डाउनलोड करना पड़ेगा। ये हेडसेट गेम खेलने के लिए काफी अच्छा है।

5- यूसीवीआर वर्चुअल रियलिटी हेडसेट (UCVR Virtual Reality Headset)

यूसीवीआर वर्चुअल रियलिटी हेडसेट में 3 डी वीआर ग्लास है। इसमें गूगल बॉक्स है जो एंड्राइड फ़ोन और आई फ़ोन के लिए बने है। यूसीवीआर वर्चुअल रियलिटी हेडसेट में तीन अलग-अलग प्रकार के लेंस के सेट (set) है लेकिन इस हेडसेट के लेंस एडजस्टेबल (adjustable) नही है।

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6- एटिल वर्चुअल रियलिटी हेडसेट (Atill Virtual Reality Headset)

एटिल वर्चुअल रियलिटी हेडसेट में 3 डी ग्लास है। इस हेडसेट में बहुत हल्के मटेरियल का इस्तेमाल किया है जिसके कारण आँखों के पास हेडसेट का ज्यादा प्रेशर (pressure) नही पड़ता है। इस हेडसेट में आप इसके प्यूपिल (pupil) को एडजस्ट कर सकते है।

7- सैमसंग गियर वर्चुअल रियलिटी हेडसेट (Samsung Gear Virtual Reality Headset)

सैमसंग गियर वर्चुअल रियलिटी हेडसेट ऑक्युलस (Oculus) टेक्नोलॉजी से बना है। इस वर्चुअल रियलिटी हेडसेट को इस्तेमाल करने के लिए आपके पास सैमसंग का फ़ोन होने चाहिए और इस हेडसेट को इस्तेमाल करने के लिए आपको एप्प, ऑक्युलस स्टोर से डाउनलोड करने पड़ेंगे।

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8- एचटीसी वाइव वर्चुअल रियलिटी हेडसेट (HTC Vive Virtual Reality Headset)

एचटीसी वाइव वर्चुअल रियलिटी हेडसेट में आईआर (IR) सेंसर है इसके साथ ही इसमें हैण्ड कंट्रोलर भी है। इससे काफी साफ वर्चुअल इमेज आती है। ये हेडसेट काफी महँगा है और इसका इस्तेमाल करने के लिए आपको इस हेडसेट को एक पारफुल पीसी में चलाना होगा।

9- ऑक्युलस रिफ्ट वर्चुअल रियलिटी हेडसेट (Oculus Rift Virtual Reality Headset)

ऑक्युलस रिफ्ट वर्चुअल रियलिटी हेडसेट में बाकि हेडसेट के मुकाबले ज्यादा हेडलाइंस (headlines) है। ये वीआर हेडसेट सिर्फ विंडोज 10 में सपोर्ट करता है। इस वीआर हेडसेट को कंप्यूटर से कनेक्ट करने के लिए यूएसबी (USB) पोर्ट और डीवीआई (DVI) की ज़रूरत पड़ती है। इस हेडसेट में पहले से ही हैडफ़ोन आते है जिन्हें बदला भी जा सकता है।

10- कार्ल ज़ेइस्स वीआर वन हेडसेट (Carl Zeiss VR One Headset)

कार्ल ज़ेइस्स वीआर वन हेडसेट में सिर्फ आई फ़ोन सपोर्ट होता है। इस हेडसेट में रियलिटी (reality) डेमो और मूवी एप्प पहले से ही होता है। इस मूवी एप्प के कारण यूजर अपने फ़ोन से इस हेडसेट में मूवी और विडियो वर्चुअल सिनेमा मोड में देख सकते है।

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आईफोन और एंड्राइड फ़ोन में क्या अंतर है और कौन सा फ़ोन लेना चाहिए-Difference between iPhone and Android phone

आईफोन और एंड्राइड फ़ोन में कौन सा फ़ोन लें-One Best phone between iPhone and Android

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तो लोग कुछ लोग आईफोन और कुछ लोग एंड्राइड फ़ोन क्यों लेते है। सभी लोग आईफोन और एंड्राइड फ़ोन के बारे में तो जानते है पर इनमे क्या अंतर है यह कोई नही जानता है। तो यहाँ पर आपको आईफोन और एंड्राइड फ़ोन में क्या अंतर है यह बताया गया है। तो आइये जानते है आईफोन और एंड्राइड स्मार्टफोन में क्या अंतर है।

आईफोन और एंड्राइड फ़ोन में कौन सा फ़ोन अच्छा है –best Phone between iPhone and android phone

1- एंड्राइड और आईफोन लगभग इस जैसे ही होते है। लेकिन कुछ चीजे इन्हें एक दूसरे से अलग बनाती है।

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2- एप्पल एक अकेली कंपनी है जो आईफोन बनाती है इस वजह से हार्डवेयर और सॉफ्टवेयर पर इसका पूरा कण्ट्रोल रहता है जिसकी वजह से आईफोन के हार्डवेयर और सॉफ्टवेयर बहुत अच्छे होते है। वही दूसरी तरफ देखा जाये तो एंड्राइड फ़ोन बहुत सी कंपनी बनाती है। हर कंपनी अपने फ़ोन में कुछ न कुछ खासियत जरूर रखती है। गूगल ने ही बहुत से फ़ोन में एंड्राइड सॉफ्टवेयर ऑफर किया था। एंड्राइड फ़ोन साइज, वेट, फीचर्स और क्वालिटी में ठीक होते है।

3- एंड्राइड फ़ोन में ओवरहीटिंग, हैंगिंग की प्रॉब्लम आती रहती है जबकि आईफोन में हार्डवेयर की प्रॉब्लम आती है। पर ओवरहीटिंग और हैंगिंग की प्रॉब्लम आईफोन में नही आती है।

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4- अगर आप ऑपरेटिंग सिस्टम की बात करें तो इसमें कोई शक नही है कि आईफोन का ऑपरेटिंग सिस्टम एंड्राइड फ़ोन से काफी अच्छा है। क्योंकि एंड्राइड फ़ोन में एप को अपडेट करने में काफी देर लगती है या कभी-कभी अपडेट ही नही होता है जबकि आईफोन में ऐसी कोई भी दिक्कत नही है।

5- एंड्राइड फ़ोन के लेटेस्ट ऑपरेटिंग सिस्टम पुराने फ़ोन में नही चलते है जबकि आईफोन में ऐसा नही है। आईफोन के लेटेस्ट ऑपरेटिंग सिस्टम पुराने एंड्राइड फ़ोन में भी काम करते है।

6- आईफोन एप स्टोर से आप कुछ ही एप्स इनस्टॉल कर सकते हो जबकि गूगल प्ले स्टोर लगभग 20 लाख या 22 लाख एप्स इनस्टॉल करने की अनुमति देता है। एप्पल एक बहुत स्ट्रिक्ट कंपनी है वह किसी भी एप को ऐसे ही इनस्टॉल नही करने देती क्योंकि एप्स की पॉलिसी और टर्म्स कभी भी चेंज हो जाते है।

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7- आईफोन ने गेमिंग प्लेटफार्म में भी काफी अच्छा काम किया है। इसलिए कोई भी गेम पहले आईफोन के लिए बनाया जाता है फिर एंड्राइड फ़ोन के लिए। कुछ गेम को एंड्राइड फ़ोन में डवलप होने में प्रॉब्लम आ रही है इसलिए कुछ गेम कंपनी ने एंड्राइड फ़ोन के लिए गेम्स बनाना बंद भी कर दिए।

8- एप्पल के डिवाइस को ठीक करने के लिए आप अपने नजदीक के किसी भी एप्पल स्टोर में जा सकते हो वहा पर एक ट्रेन्ड व्यक्ति आपकी प्रॉब्लम को ठीक कर देगा पर क्या कभी आपने एंड्राइड स्टोर या गूगल स्टोर देखा है? नही ना। एंड्राइड फ़ोन को ठीक कराने के लिए आपको उसी कंपनी के स्टोर में जाना पड़ता है जिस कंपनी का आपका फ़ोन है।

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9- Google ने आईफोन के Siri को पीछे कर दिया है। इस मामले में एंड्राइड फ़ोन आईफोन से आगे है। जैसे कि अगर आपने अपने एंड्राइड फ़ोन में किसी मीटिंग के लिए 5 बजे का गूगल कैलेंडर में टाइम सेट किया है और आपके वहाँ पहुँचने से पहले बहुत ट्रैफिक लगने वाला है तो गूगल आपको एक नोटिफिकेशन के जरिये यह बता देता है कि आपको जल्दी निकलना चाहिए। सीरी आईफोन का फंक्शन जो कि आपको जवाब देता है। सीरी अभी भी अपने आपको इम्प्रूव कर रहा है। अभी सीरी में बहुत सी कमिया है जो कि समय के साथ पूरी होंगी। पर इंटेलीजेंट असिस्टेंट के मामले में एंड्राइड फ़ोन आईफोन से आगे है।

10- एंड्राइड फ़ोन में हार्डवेयर की बहुत सारी वैरायटी आती है जिसकी वजह से बैटरी काफी देर तक चलती है जबकि ऐसा आईफोन में नही होता है। आईफोन को दिन में एक बार चार्ज करना ही पड़ता है जो कि ज्यादा देर तक नही चलता है। वैसे एंड्राइड फ़ोन में भी ऐसा होता है लेकिन आजकल एंड्राइड फ़ोन अल्ट्रा-हाई कैपेसिटी बैटरी के साथ आ रहे है जो कि एक दिन बिना चार्ज के भी चल सकते है।

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11- आईफोन के नए मॉडल को रिलीज़ होने में काफी समय लगता है। ऐसा एंड्राइड डिवाइस के साथ भी होता है पर बहुत कम। बहुत सारे लोग होते है जो यह चाहते है कि उनका फ़ोन अच्छे से काम करें, उस एप को चला सकें जिसे वह चाहते है। इन सभी के सामने आईफोन उनकी उम्मीदों पर खरा उतरता है। क्योंकि एप्पल अपने मॉडल पर बहुत ध्यान देता है। आईफोन चलाने में बहुत अच्छे होते हैं इनकी क्वालिटी भी बहुत अच्छी होती है।

12- एंड्राइड फ़ोन एप्स इनस्टॉल करने के मामले में काफी खुले होते है जिनकी वजह से एंड्राइड फ़ोन से एप नही चल पाते है। ऐसा आईफोन में नही होता है। एप्पल एक इकलौती कंपनी है जिसमे एप पहले से इनस्टॉल होते है तो हर फ़ोन एक जैसे एप के साथ आता है

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आईफोन और एंड्राइड फ़ोन में अंतर से सम्बन्धित सवाल उनके जवाब

प्रश्न1- हार्डवेयर और सॉफ्टवेर के हिसाब से कौनसा फ़ोन अच्छा है?

उत्तर हार्डवेयर और सॉफ्टवेर के हिसाब से आईफोन और एंड्राइड फ़ोन दोनों ही अच्छे है।

प्रश्न2- ऑपरेटिंग सिस्टम के हिसाब से आईफोन अच्छा है या एंड्राइड फ़ोन?

उत्तर ऑपरेटिंग सिस्टम के हिसाब से आईफोन ज्यादा अच्छा है।

प्रश्न3- एप्स इनस्टॉल करने के हिसाब से कौन सा फ़ोन अच्छा है?

उत्तर एप्स इनस्टॉल करने के हिसाब से आईफोन ज्यादा अच्छा है।

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प्रश्न4- गेमिंग के लिए कौन सा फ़ोन अच्छा है?

उत्तर गेमिंग के लिए आईफोन अच्छा है।

प्रश्न5- एंड्राइड के गूगल और आईफोन के सीरी में ज्यादा अच्छा कौन सा है?

उत्तर आईफोन का सीरी फीचर अभी एंड्राइड के गूगल फीचर से काफी पीछे है।

प्रश्न6- बैटरी लाइफ किस फ़ोन की अच्छी है?

उत्तर बैटरी लाइफ एंड्राइड फ़ोन की आईफोन से ज्यादा अच्छी है।

प्रश्न7- एप्स किस फ़ोन में ज्यादा अच्छे चलते है?

उत्तरएप्स आईफोन में ज्यादा अच्छे चलते है।

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मोड्यूलर किचन बनाने से पहले किन बातो का रखें ध्यान (Keep in Mind That Things before making Modular kitchen)

कैसे सेलेक्ट करें एक अच्छा मोड्यूलर किचन (How to Select Best Modular kitchen)

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कि मोड्यूलर किचन बनाने से पहले किन बातो को ध्यान में रखे तो निचे दिए हुए कुछ टिप्स को पढ़िए जिनसे आप आसानी से एक अच्छा मोड्यूलर किचन आसानी से बना सकते है।

मोड्यूलर किचन बनाते समय इन बातो का रखें ध्यान (Keep these things in mind when Making Modular kitchen)

कंस्ट्रक्शन (Construction)- कैबिनेट की हाइट, डेप्थ नाप लें और उसी हिसाब से अपने किचन को बनाए।

मोड्यूलर किचन के लिए मटेरियल (Material for Modular Kitchen)- मोड्यूलर किचन के लिए ड्यूरेबल (टिकाऊ) मटेरियल का इस्तेमाल करे जिनमे गर्मी, निशान और गरम पानी का कोई असर नही पड़ता है।

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मोड्यूलर किचन के लिए डिजाईन (Design for Modular Kitchen)- मोड्यूलर किचन के बहुत सारे कलर्स और पैटर्न्स है। जिन्हें चुनना बहुत मुश्किल है इसलिए ऐसा डिजाईन और पैटर्न सेलेक्ट करे जो आपके किचन में अच्छा लगे।

मोड्यूलर किचन के लिए कैबिनेट (Cabinets for Modular Kitchen)- मोड्यूलर किचन में कैबिनेट या तो काउंटर के ऊपर लगते है या नीचे। आप अपने हिसाब से किसी भी जगह कैबिनेट लगा सकते है।

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मोड्यूलर किचन के लिए सिंक (Sink for Modular Kitchen)- मोड्यूलर किचन के लिए स्टेनलेस स्टील वाला सिंक ख़रीदे और सिंक ऐसी जगह में लगाए जहाँ पे आप जल्दी और आसानी से काम करते वक़्त पहुच जाए।

मोड्यूलर किचन के लिए चिमनी (Chimney for Modular Kitchen)- जहाँ गैस ओवन रखा हो चिमनी उनके ऊपर लगाए। इसके कारण किचन में वेंटिलेशन अच्छे से होगा।

मोड्यूलर किचन के लिए मेटल डाइनिंग टेबल (Metal Dining Tables for Modular Kitchen)- मोड्यूलर किचन में मेटल डाइनिंग टेबल का इस्तेमाल करे।

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मोड्यूलर किचन के लिए सिरेमिक वॉल (Ceramic wall for Modular Kitchen)- मोड्यूलर किचन के लिए सिरेमिक वॉल का इस्तेमाल करें क्योंकि ये वॉल डिज़ाइनर होती है और साथ ही ये ज्यादा समय तक चलती है और इन्हें आसानी से साफ भी किया जा सकता है।

मोड्यूलर किचन के लिए मटेरियल (Materials for Modular Kitchen)- मोड्यूलर किचन में ज्यादातर ग्रेनाइट और मार्बल का इस्तेमाल किया जाता है क्योंकि ये खुरदरे होते है और ये आसानी से लंबे समय तक चलते है।

मोड्यूलर किचन के लिए लाइटिंग (Lighting for Modular Kitchen)- मोड्यूलर किचन के लिए डेकोरेटिव लाइट का इस्तेमाल करें जिससे आपका किचन और ज्यादा चमके।

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मोड्यूलर किचन से सम्बंधित कुछ प्रश्न उनके जवाब (Questions Answers Related to Modular kitchen)

प्रश्न1- मोड्यूलर किचन कितने प्रकार के है?

उत्तरस्ट्रैट लाइन किचन, गैलरी किचन, यू शेप किचन, एल शेप किचन, पेनीन्सुलर किचन और आइलैंड किचन।

प्रश्न2- ज्यादातर लोग किस स्टाइल के मोड्यूलर किचन बनाते है?

उत्तरज्यादातर लोग सी शेप स्टाइल, एल शेप स्टाइल और पैरेलल स्टाइल के मोड्यूलर किचन बनाते है।

प्रश्न3- किस तरह के किचन भारत में ज्यादा पॉपुलर है?

उत्तर भारत में सेमि मोड्यूलर किचन, फुल्ली मोड्यूलर किचन से ज्यादा प्रसिद्ध है।

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एयर कंडीशनर खरीदने से पहले किन बातो का ध्यान रखें Keep in Mind That Things before Buying Air Conditioner

कैसे सेलेक्ट करें एक अच्छा एयर कंडीशनर How to Select Best Air Conditioner

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कई लोगो को अपने ऑफिस के लिए और कई लोगो को अपने दुकान में एयर कंडीशनर की ज़रूरत पड़ती है। एसी की ज्यादा मांग होने के कारण ऐसे एयर कंडीशनर आ रहे है जिनमे कई सारे अच्छे फीचर्स है। लेकिन हर कोई AC खरीदते वक़्त एक अच्छे एयर कंडीशनर की पहचान नही कर पाता है। ऐसे कई तरीके है जिनसे हम आसानी से एक अच्छे ए.सी की पहचान कर सकते है। अगर आप भी एयर कंडीशनर लेना चाहते है तो निचे दिए हुए टिप्स को पढ़िए जिनकी मदद से आप एक अच्छा ए.सी आसानी से खरीद पाएंगे।

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एयर कंडीशनर खरीदते समय इन बातो का रखें ध्यान Keep these things in mind when buying Air Conditioner

एयर कंडीशनर की आवाज (Noise of AC)- अगर आप कम आवाज करने वाला एसी खरीदना चाहते है तो स्प्लिट(Split) एयर कंडीशनर ख़रीदे क्योंकि स्प्लिट एसी विंडो एसी से कम आवाज करते है।

एनर्जी एफ्फिसिएंट एसी (Energy Efficient AC)- ऐसा एसी ख़रीदे जो एनर्जी एफ्फिसिएंट (ऊर्जा से भरपूर) हो।  इसके कारण आपके बिजली का बिल भी कम आएगा।

एयर कंडीशनर का बीटीयू (Air Conditioner BTU)- बीटीयू एनर्जी को नापने में मदद करती है. इसलिए ए.सी खरीदते वक़्त एसी का ब्रिटिश थर्मल यूनिट (बीटीयू) देख लें।

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एयर कंडीशनर का कंप्रेसर (Compressor of AC)- ए.सी में रेसिप्रोकेटिंग (reciprocating) कंप्रेसर और स्क्रॉल कंप्रेसर होते है। स्क्रॉल कंप्रेसर को ज्यादातर अच्छा कंप्रेसर माना जाता है।

एयर कंडीशनर का फ़िल्टर (AC Filter)- एसी खरीदने से पहले एसी का फ़िल्टर देख लें। ज्यादा मर्व (MERV) रेटिंग वाला फ़िल्टर अच्छा फ़िल्टर होता है।

एयर कंडीशनर का टेम्परेचर सेटिंग (AC Thermostat)- एसी की टेम्परेचर सेटिंग मैन्युअल या प्रोग्रामेबल होती है। प्रोग्रामेबल टेम्परेचर सेटिंग में पहले से ही मेमोरी दी होती है।

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एयर कंडीशनर की वारंटी (AC Warranty)- कई एसी की वारंटी लंबे समय तक की होती है और कई एसी की कम समय तक की होती है। लंबी समय तक की वारंटी वाले ए.सी ख़रीदे ये ज्यादा और लंबे समय तक चलेंगे।

मल्टी पर्पस एयर कंडीशनर (Multipurpose AC)-  ऐसे कई सारे एसी है जो न सिर्फ गर्मियों में ठंडी हवा देते है. बल्कि सर्दियों में भी गरम हवा देते है। इसलिए अगर आप ऐसा एसी खरीदना चाहते है तो मल्टी पर्पस एयर कंडीशनर ख़रीदे।

ऑटो रीस्टार्ट एसी (Auto restart AC)- ऐसे कई सारे एसी है जिनमे ऑटो रीस्टार्ट जैसे फीचर्स है जो अपने आप स्टार्ट हो जाते है जब रूम का टेम्परेचर गरम हो जाता है।

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टाइमर एसी (Timer AC)- ऐसा ए.सी ख़रीदे जिसमे टाइमर जैसे फीचर हो, इसके कारण आपका एसी अपने आप कुछ टाइम बाद, जितने टाइम का अपने टाइमर लगाया होगा उतने टाइम में बंद हो जाएगा।

सेटिंग लॉक एसी (Setting Lock AC)- अगर आप चाहते है की आपकी गैरहाजिरी (एब्सेंस) में आपका एसी कोई न छुए तो ऐसा एसी ख़रीदे जिसमे लॉक लगाने वाली सेटिंग हो।

इन बिल्ट स्टेबलाइजर एसी (In built stabilizer AC)- ऐसा एसी ख़रीदे जिसमे पहले से ही स्टेबलाइजर हो, इसके कारण आपका एसी वोल्टेज फ्लक्चुएशन (fluctuation) में भी अच्छा चलेगा।

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ऑटो क्लीन एसी (Auto clean AC)- ऐसा एसी ख़रीदे जिसमे अपने आप एसी को साफ करने वाले फीचर्स हो। ऑटो क्लीन एसी के फैन तब भी चलते है जब एसी बंद होता है इसके कारण एसी अपने आप साफ होता रहता है।

एयर कंडीशनर से सम्बंधित कुछ प्रश्न व उनके जवाब (Questions Answers Related to Air Conditioner)

प्रश्न1- एयर कंडीशनर के कौन-कौन से प्रकार है?

उत्तर- एयर कंडीशनर के तीन प्रकार है। विंडो एयर कंडीशनर, पोर्टेबल एयर कंडीशनर और स्प्लिट एयर कंडीशनर।

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प्रश्न2- विंडो एयर कंडीशनर किसे कहते है?

उत्तर- विंडो एयर कंडीशनर विंडो में लगाए जाते है इसके कारण गरम हवा बाहर जाती है।

प्रश्न3- स्प्लिट एयर कंडीशनर किसे कहते है?

उत्तर- स्प्लिट एयर कंडीशनर में दो यूनिट्स होते है। पहला, आउटर यूनिट और दूसरा इनर यूनिट।

प्रश्न4- किस प्रकार का एयर कंडीशनर कम आवाज करता है?

उत्तर- स्प्लिट एयर कंडीशनर, विंडो एयर कंडीशनर से कम आवाज करते है।

प्रश्न5- इन्वर्टर एयर कंडीशनर क्या है?

उत्तर- इन्वर्टर एयर कंडीशनर लेटेस्ट टेक्नोलॉजी से बना कूलिंग डिवाइस है। यह एयर कंडीशनर, एडप्टर बेस्ड एसी और नॉन इन्वर्टर एसी के मुकाबले ज्यादा एनर्जी एफ्फिसिएंट और कम आवाज करते है। 

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लैपटॉप या कंप्यूटर में फाइल्स या फोल्डर को कैसे छुपायें-Hide and unhide files and folder on laptop or computer

लैपटॉप या कंप्यूटर में फाइल या फोल्डर को कैसे हाईड करें-Hide files and folder on laptop

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लेकिन आपको पता नही होता कि लैपटॉप या कंप्यूटर में फाइल्स या फोल्डर को छुपाये कैसे। तो यहाँ आपको लैपटॉप में फाइल्स और फोल्डर को कैसे छुपाना है यह बताया गया है। तो आइये जानते है कि कंप्यूटर या लैपटॉप में फाइल्स या फोल्डर को कैसे छुपायें।

लैपटॉप या कंप्यूटर में फोल्डर या फाइल्स को छुपाने और सामने लाने के तरीके-Ways to hide or unhide the files and folder on laptop or computer

फोल्डर या फाइल को हाईड करने के लिए

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Step 1- जिस फोल्डर को छुपाना है उस पर माउस का राईट बटन दबायें।

Step 2- फिर प्रॉपर्टीज (Properties) के ऑप्शन को सलेक्ट करें।

Step 3- फिर हिडन (Hidden) ऑप्शन पर टिक करें।

Step 4- अप्लाई (Apply) ऑप्शन को सलेक्ट करें।

Step 5- फिर ओके कर दें।

आपकी फाइल हाईड हो जाएगी।

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फोल्डर और फाइल्स को अनहाइड करने के लिए

Step 1- कण्ट्रोल पैनल में जायें।

Step 2- फाइल एक्स्प्लोरर ऑप्शन (file explorer option) या फोल्डर ऑप्शन (folder option) में जायें।

Step 3- ऊपर से व्यू (view) को सलेक्ट करें।

Step 4- उसमे Show hidden, files and folder, drives को टिक करें।

Step 5- अप्लाई (Apply) करें और ओके कर दें।

अब आपकी फाइल अनहाइड हो जायेगी और आपको दिखने लगेगी।

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व्हाट्सएप में बोल्ड इटैलिक और स्ट्राइकथ्रू कैसे इस्तेमाल करें-Use Bold, Italic or strikethrough on Whatsapp

व्हाट्सएप में टेक्स्ट को बोल्ड इटैलिक और स्ट्राइकथ्रू में कैसे बदलें-Change text message of Whatsapp in Bold Italic and Strikethrough

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अब व्हाट्सएप में आप अपने दोस्तों से टेक्स्ट को बोल्ड, इटैलिक और स्ट्राइकथ्रू में लिखकर भी बात कर सकते है। अगर आपको नही पता कि यह कैसे होता है तो आइये जानते है कि कैसे व्हाट्सएप में टेक्स्ट मैसेज को बोल्ड, इटैलिक और स्ट्राइकथ्रू कर सकते है। लेकिन बोल्ड इटैलिक और स्ट्राइकथ्रू का इस्तेमाल करने के लिए आपको व्हाट्सएप का नया वर्ज़न इस्तेमाल करना होगा या व्हाट्सएप का 2.12.17 वर्ज़न इस्तेमाल करना होगा। इसे आप प्ले स्टोर से अपडेट कर सकते है।

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व्हाट्सएप में टेक्स्ट को बोल्ड इटैलिक और स्ट्राइकथ्रू करने के तरीके-Ways to change text message in bold, italic and strikethrough on Whatsapp

टेक्स्ट मैसेज को बोल्ड में लिखने के लिए

व्हाट्सएप में मैसेज बोल्ड करके भेजने के लिए (asterisk) “*” का इस्तेमाल करें। टेक्स्ट मैसेज के पहले और बाद में * लगायें।

उदाहरण- अगर आपको hellow बोल्ड में लिखना है है तो ऐसे लिखे-

*hellow*

यह कुछ इस तरह दिखाई देगा। hellow

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टेक्स्ट मैसेज को इटैलिक में लिखने के लिए

व्हाट्सप में मैसेज इटैलिक में भेजने के लिए (underscore) “_” का इस्तेमाल करें। टेक्स्ट मैसेज के पहले और बाद में _ लगायें।

उदाहरण- अगर आपको hellow इटैलिक में लिखना है तो ऐसे लिखें-

_hellow_

यह कुछ इस तरह दिखाई देगा। hellow

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टेक्स्ट मैसेज को स्ट्राइकथ्रू में लिखने के लिए

व्हाट्सप में मैसेज स्ट्राइकथ्रू में भेजने के लिए (tilde) “~” का इस्तेमाल करें। टेक्स्ट मैसेज के पहले और बाद में ~ लगायें।

उदाहरण- अगर आपको hellow स्ट्राइकथ्रू में लिखना है तो ऐसे लिखें-

~hellow~

यह कुछ इस तरह दिखाई देगा। hellow

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टेक्स्ट मैसेज को बोल्ड, इटैलिक और स्ट्राइकथ्रू में लिखने के लिए

टेक्स्ट मैसेज को बोल्ड, इटैलिक और स्ट्राइकथ्रू में लिखने के लिए मैसेज को ऐसे लिखें।

उदहारण- अगर आपको hellow को बोल्ड, इटैलिक और स्ट्राइकथ्रू में लिखना है तो ~*_hellow_*~ लिखें। आप चाहे तो चिन्ह किसी भी क्रम में लगा सकते है। यह आपको कुछ इस तरह से दिखाई देगा। hellow

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टेक्स्ट मैसेज को बोल्ड और इटैलिक में लिखने के लिए

टेक्स्ट मैसेज को बोल्ड और इटैलिक में लिखने के लिए मैसेज को ऐसे लिखें।

उदहारण- अगर आपको hellow को बोल्ड और इटैलिक में लिखना है तो _*hellow*_लिखें। यह आपको कुछ इस तरह से दिखाई देगा। hellow

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टेक्स्ट मैसेज को बोल्ड और स्ट्राइकथ्रू में लिखने के लिए

टेक्स्ट मैसेज को बोल्ड और स्ट्राइकथ्रू में लिखने के लिए मैसेज को ऐसे लिखें।

उदहारण- अगर आपको hellow को बोल्ड और स्ट्राइकथ्रू में लिखना है तो ~*hellow*~_लिखें। यह आपको कुछ इस तरह से दिखाई देगा। hellow

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टेक्स्ट मैसेज को इटैलिक और स्ट्राइकथ्रू में लिखने के लिए

टेक्स्ट मैसेज को इटैलिक और स्ट्राइकथ्रू में लिखने के लिए मैसेज को ऐसे लिखें।

उदहारण- अगर आपको hellow को इटैलिक और स्ट्राइकथ्रू में लिखना है तो _~hellow~_लिखें। यह आपको कुछ इस तरह से दिखाई देगा। hellow

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वैक्यूम क्लीनर खरीदने से पहले किन बातो का ध्यान रखें Keep in Mind That Things before Buying Vacuum cleaner

कैसे सेलेक्ट करें एक अच्छा वैक्यूम क्लीनर How to Select Best Vacuum cleaner

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क्योंकि उन्हें यह नही पता होता है कि एक अच्छे वैक्यूम क्लीनर की क्या पहचान होती है। लेकिन कई तरीके है जिनसे हम आसानी से एक अच्छे वैक्यूम क्लीनर की पहचान कर सकते है। अगर आप भी वैक्यूम क्लीनर खरीदना चाहते है तो नीचे दिए हुए टिप्स को पढ़िए जिनकी मदद से आप एक अच्छा वैक्यूम क्लीनर आसानी से खरीद सकते है।

वैक्यूम क्लीनर खरीदते समय इन बातो का रखें ध्यान Keep these things in mind when buying Vacuum cleaner

पावरफुल वैक्यूम क्लीनर (Powerful Vacuum Cleaner)- वैक्यूम क्लीनर लेने से पहले अपने घर, ऑफिस या दुकान जहाँ के लिए भी आप वैक्यूम क्लीनर खरीद रहे है वहाँ का साइज देख लें और साइज के हिसाब से वैक्यूम क्लीनर ख़रीदे। अगर घर, ऑफिस या दुकान का साइज बड़ा है तो पावरफुल वैक्यूम क्लीनर ख़रीदे।

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हल्का वैक्यूम क्लीनर (Light weight Vacuum Cleaner)- अगर आपके घर, ऑफिस और दुकान में बहुत सारी सीढ़िया है तो हल्का वैक्यूम ख़रीदे जिससे आप एक फ्लोर से दूसरे फ्लोर आसानी से जा सके या फिर आप छोटी स्टिक (stick) वाले वैक्यूम क्लीनर ख़रीदे।

क्वालिटी (Quality)- एक अच्छी क्वालिटी वाला वैक्यूम क्लीनर ख़रीदे ताकि आपका घर, ऑफिस और दुकान अच्छे से साफ हो सके और वैक्यूम क्लीनर ज्यादा समय तक चले।

हेपा सर्टिफाइड वैक्यूम क्लीनर (HEPA certified Vacuum Cleaner)- अगर आप के घर, ऑफिस और दुकान में ज्यादा धूल होती है तो हेपा सर्टिफाइड वाला वैक्यूम क्लीनर ख़रीदे।

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बजट (Budget)- अपनी बजट के हिसाब से वैक्यूम क्लीनर ख़रीदे, अगर आप के पास कम बजट है तो वाशेबल फ़िल्टर वाला वैक्यूम क्लीनर ख़रीदे।

आवाज (Noise)- अगर आपको ज्यादा आवाज वाला वैक्यूम क्लीनर पसंद नही है तो कम आवाज करने वाला वैक्यूम क्लीनर ख़रीदे।

वैक्यूम क्लीनर का वजन (Vacuum Cleaner Weight)- अगर आपका घर, ऑफिस और दुकान मल्टी लेवल वाली है तो आप पावरफुल वैक्यूम क्लीनर ख़रीदे क्योंकि इनका वजन काफी हल्का होता है।

जानवर (Pets)- कई वैक्यूम क्लीनर सिर्फ जानवर के बाल साफ करने के लिए बने है, इसलिए अगर आपके घर में जानवर है तो इस वैक्यूम क्लीनर को ख़रीदे।

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वैक्यूम क्लीनर पावर (Vacuum Cleaner Power)- ज्यादा हाई वोल्टेज वाला वैक्यूम क्लीनर अच्छे से सफाई करता है, लेकिन इसकी कीमत काफी ज्यादा होती है।

वैक्यूम क्लीनर बैटरी (Vacuum Cleaner Battery)- वैक्यूम क्लीनर खरीदते वक़्त वैक्यूम क्लीनर का बैटरी टाइम देख लें कि ये बैटरी चार्ज होने में कितना समय लगाती है और उसका रन टाइम भी देख लें कि ये कितने समय तक चल सकती है।

वैक्यूम क्लीनर से सम्बंधित कुछ प्रश्न व उनके जवाब (Questions Answers Related to Vacuum cleaner)

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प्रश्न1- हमें कितने समय में वैक्यूम क्लीनर बदलना चाहिए?

उत्तर- हमें हर 6 महीने में वैक्यूम क्लीनर बदलना चाहिए।

प्रश्न2- कौन-से डेसिबल लेवल वाले वैक्यूम क्लीनर आवाज नही करते है?

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उत्तर- 60 से 65 डीबी (dB) रेंज वाले वैक्यूम क्लीनर बिल्कुल आवाज नही करते है।

प्रश्न3- अगर हमारे घर मे जानवर है तो हमें कितनी पावर वाला वैक्यूम क्लीनर खरीदना चाहिए?

उत्तर- अगर आपके घर में जानवर है तो आपको 12 एम्प्स (amps) पावर वाला वैक्यूम क्लीनर खरीदना चाहिए।

प्रश्न4- वैक्यूम क्लीनर के कितने प्रकार है?

उत्तर- अपराइट वैक्यूम, हैण्ड हेल्ड वैक्यूम, स्टिक वैक्यूम, रोबोट वैक्यूम, कारपेट क्लीनर, कैनिस्टर वैक्यूम, कमर्शियल वैक्यूम और गैरेज वैक्यूम।

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